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CWC बैठक में चुनाव आयोग पर मंथन, प्रियंका गांधी बोलीं- ज्ञानेश कुमार को इस्तीफे के लिए मजबूर करेंगे

नई दिल्ली। कांग्रेस कार्यसमिति यानी CWC की मंगलवार को हुई बैठक में चुनाव आयोग, विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर लंबी चर्चा हुई। बैठक में कांग्रेस नेताओं ने आगे की राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति पर विचार किया। गंभीर राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के बीच कई मौके ऐसे भी आए जब नेताओं के बीच हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत हुई और बैठक कक्ष में ठहाके सुनाई दिए।
बैठक में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पार्टी के आंदोलन को और तेज करने की बात कही। रिपोर्टों के मुताबिक प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस अपने आंदोलन और जनदबाव के जरिए ज्ञानेश कुमार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर करेगी। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए।
CWC की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। करीब ढाई घंटे चली बैठक में कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के तत्काल इस्तीफे की मांग के साथ SIR प्रक्रिया को स्थगित करने और मतदाता सूची से हटाए गए नामों को बहाल करने की मांग भी उठाई। ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप और मांगें हैं; चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रियाओं को वैधानिक और निर्धारित नियमों के अनुरूप बताया है।
बैठक में प्रियंका गांधी का रुख काफी आक्रामक बताया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर इतने सवाल उठ रहे हैं तो मुख्य निर्वाचन आयुक्त अपने पद पर कैसे बने रह सकते हैं। उन्होंने पार्टी नेताओं से इस मुद्दे पर जनता के बीच जाने और आंदोलन को व्यापक बनाने पर जोर दिया।
राहुल गांधी ने भी बैठक में चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। जयराम रमेश के मुताबिक राहुल ने करीब 20 से 25 मिनट तक बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछले दो वर्षों से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठा रही है और पार्टी को अब इन मुद्दों पर अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
राहुल गांधी ने पार्टी के भीतर मौजूद संदेह को लेकर भी अपनी बात रखी। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कुछ ऐसे लोग हैं जिन्होंने शुरुआत में उनके द्वारा उठाए गए चुनावी मुद्दों पर भरोसा नहीं किया, लेकिन अब उन्हें पार्टी की रणनीति पर विश्वास करना चाहिए। इसी दौरान कुछ वरिष्ठ नेताओं के बीच मजाकिया टिप्पणियां भी हुईं, जिससे गंभीर बैठक का माहौल कुछ समय के लिए हल्का हो गया।
कांग्रेस ने बैठक के बाद पारित प्रस्ताव में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पार्टी ने आरोप लगाया कि SIR और मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े फैसलों ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल पैदा किए हैं। कांग्रेस ने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे को संसद, अदालत और सड़क तीनों स्तरों पर उठाएगी।
दूसरी ओर चुनाव आयोग ने पिछले दिनों सामने आए आंतरिक मतभेदों की रिपोर्टों पर कहा था कि किसी भी संस्थान में अलग-अलग विचार और टिप्पणियां सामान्य विचार-विमर्श का हिस्सा होती हैं। आयोग का कहना है कि उसके अंतिम आदेश कानूनी प्रक्रिया और स्थापित वैधानिक व्यवस्था के तहत जारी किए जाते हैं। इस कारण कांग्रेस के आरोपों को अंतिम तथ्य के बजाय राजनीतिक दावों के रूप में देखा जाना चाहिए।
बैठक में SIR प्रक्रिया को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां जताईं। पार्टी ने मांग की कि मतदाता सूची में किए गए बदलावों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाए और जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें स्पष्ट सूचना तथा अपील का अवसर दिया जाए।
प्रियंका गांधी ने पार्टी नेताओं से कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसे राज्यों और जिलों तक ले जाकर जन अभियान का रूप देने की जरूरत है। कांग्रेस की रणनीति अब अन्य विपक्षी दलों के साथ तालमेल बनाकर संयुक्त आंदोलन की दिशा में आगे बढ़ने की भी है।
CWC बैठक के अगले दिन INDIA गठबंधन की बैठक भी तय की गई है। इसमें चुनाव आयोग, SIR, ईवीएम-वीवीपैट और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग जैसे मुद्दों पर संयुक्त रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस चाहती है कि विपक्षी दल इस मुद्दे पर एक साझा राजनीतिक कार्यक्रम तैयार करें।
बैठक के दौरान गंभीर राजनीतिक विमर्श के साथ नेताओं के बीच हल्की नोकझोंक और मजाक भी देखने को मिला। इससे कई बार बैठक का माहौल सहज हुआ और मौजूद नेताओं ने ठहाके लगाए। हालांकि बैठक का मुख्य फोकस चुनाव आयोग और आने वाले राजनीतिक आंदोलन पर ही बना रहा।
कांग्रेस नेतृत्व ने साफ संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR को लेकर पार्टी अपना अभियान और तेज करेगी। प्रियंका गांधी का बयान इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी का कहना है कि वह चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने आरोपों और मांगों को जनता के बीच ले जाएगी।
अब नजर INDIA गठबंधन की बैठक और उसके बाद कांग्रेस के प्रस्तावित आंदोलन पर रहेगी। CWC ने जहां पार्टी के भीतर अपनी रणनीति तय की है, वहीं विपक्षी गठबंधन स्तर पर यह देखा जाएगा कि अन्य दल इस मुद्दे पर किस सीमा तक कांग्रेस के साथ संयुक्त अभियान में शामिल होते हैं।





